नात लिरिक्स

Jo Bhi Sarkar Ke Mangton Mein Gine Jate Hain

जो भी सरकार के मँगतों में गिने जाते हैं

नात ख़्वान: क़ारी ज़ाकिर इस्माईलीशायर: मुफ़्ती सुहैल सा'दी अमजदीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

जो भी सरकार के मँगतों में गिने जाते हैंये हक़ीक़त है वो शाहों में गिने जाते हैं

नाम सुन कर जो नहीं पढ़ते दुरूद-ए-अक़्दसऐसे अफ़राद बख़ीलों में गिने जाते हैं

ठोकरें ग़ैर की खाएँ ये नहीं हो सकताआप से माँगने वालों में गिने जाते हैं

कर्बला वालों में वो नन्हें 'अली असग़र भीदीन-ए-इस्लाम के शेरों में गिने जाते हैं

ऐ ग़नी ! दौलत-ए-दुनिया की न लालच दे हमेंग़ौस-ए-आ'ज़म के फ़क़ीरों में गिने जाते हैं

दर-ब-दर वो कभी भटका नहीं करते, लोगो !जो भी ख़्वाजा के दीवानों में गिने जाते हैं

जिन को कहता है जहाँ शान से आ'ला हज़रतउन के फ़रमान दलीलों में गिने जाते हैं

मेरे अख़्तर के फ़तावों से जिन्हें नफ़रत हैवो सभी लोग ज़लीलों में गिने जाते हैं

बात चलती है जो अख़्तर की तो कह देते हैंउन को हम देखने वालों में गिने जाते हैं

जब से गुलज़ार ने डाली है 'इनायत की नज़रकाँच के टुकड़े हैं हीरों में गिने जाते हैं

ख़ुश-नसीबी है क़सम से ये हमारी, सा'दी !उन की ज़ुल्फ़ों के असीरों में गिने जाते हैं

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