ज़हरा के प्यारे लाल से, हैदर के चैन सेजो भी मिला है हम को मिला है हुसैन से
बिन चाहत-ए-हुसैन क्या जीने का फ़ाएदाबचपन से मुझ को माँ ने सिखाया है क़ाएदातर्ज़-ए-हयात सीखो शह-ए-मशरिक़ैन से
जो भी मिला है हम को मिला है हुसैन सेजो भी मिला है हम को मिला है हुसैन से
सर-ब-सुजूद हो गए कर्बल में जब इमामवक़्त-ए-क़ज़ा हैं ख़ालिक़-ए-अकबर से हम-कलामज़िंदा नमाज़ है तो इबादत के ज़ैन से
जो भी मिला है हम को मिला है हुसैन सेजो भी मिला है हम को मिला है हुसैन से
हम ग़रीबों के मौला हुसैनहम फ़क़ीरों के मौला हुसैन
शेर-ए-ख़ुदा के चैन ने, राहिब से पूछिएक्या कुछ दिया हुसैन ने, राहिब से पूछिएमिलते हैं सात बच्चे शह-ए-मशरिक़ैन से
जो भी मिला है हम को मिला है हुसैन सेजो भी मिला है हम को मिला है हुसैन से
ये इज़्ज़त-ओ-मक़ाम, ये अंदाज़-ए-बा-कमालकिस से मिला हुसैन को ये हुस्न-ए-बे-मिसालनूर-ए-ख़ुदा से, फ़ातेह-ए-बद्र-ओ-हुनैन से
जो भी मिला है हम को मिला है हुसैन से
ज़हरा के प्यारे लाल से, हैदर के चैन सेजो भी मिला है हम को मिला है हुसैन से
इश्क़-ए-हुसैन-ए-पाक का हम को सिला मिलामाँगा जो माँगना था तलब से सिवा मिलासुल्तान-ए-अम्बिया के इसी नूर-ए-ऐन से
जो भी मिला है हम को मिला है हुसैन सेजो भी मिला है हम को मिला है हुसैन से
ऐसा हुसैनियों का जहाँ में जलाल हैकातिब ! यज़ीद-ए-वक़्त का जीना मुहाल हैदुनिया जो गूंजती है सदा-ए-हुसैन से
जो भी मिला है हम को मिला है हुसैन सेजो भी मिला है हम को मिला है हुसैन से
ज़हरा के प्यारे लाल से, हैदर के चैन सेजो भी मिला है हम को मिला है हुसैन से
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