नात लिरिक्स

Jis Shakhs Ka Sarkaar Pe Imaan Nahin Hai

जिस शख़्स का सरकार पे ईमान नहीं है

उपलब्ध: हिंदी

जिस शख़्स का सरकार पे ईमान नहीं हैकाबे में रहे फिर भी मुसलमान नहीं है

साँसें भी वहाँ लेना बड़े होशो-अदब सेवो शहरे नबी है कोई जापान नहीं है

जो देख के पहचाने ना सरकार का गुम्बदउस शख़्स की अपनी कोई पहचान नहीं है

सरकार के आशिक़ ही सुना करते हैं नातेंहर शख़्स सुने नात, ये आसान नहीं है

उसको थी पता क्या है शहादत की बुलंदीछे माह का असग़र कोई नादान नहीं है

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