नात लिरिक्स

जिस ने मदीने जाणा कर लो तैयारियाँ | Jis Ne Madine Jana Kar Lo Taiyarian

जिस ने मदीने जाणा कर लो तैयारियाँ | Jis Ne Madine Jana Kar Lo Taiyarian

नात ख़्वान: अमजद साबरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

जिस ने मदीने जाणा कर लो तय्यारियाँबेड़ा मदीने वाला लैंदा प्या तारियाँ

हाजियाँ नें उठ सवेरे, बेह के रौज़े दे नेड़ेरो रो के सोहणे अगे 'अर्ज़ां गुज़ारियाँ

हाजियाँ नें चुम्मी जाली, जाली ओ कर्मां वालीलख पहरेदाराँ पाँवें छड़ियाँ नें मारियाँ

शाला ओ दिन वी आवे, सोहणा सानूँ कोल बुलावेरल मिल के वेखन रौज़ा ऐ सय्याँ सारियाँ !

आब-ए-ज़मज़म मैं पीवाँ, ओथे मैं मराँ ते जीवाँसदक़ा नवासयाँ दा सुन मेरियाँ ज़ारियाँ

ओथे नें ठंडियाँ छावाँ, दिलकश मख़्मूर हवावाँखुलियाँ बहिश्ताँ दियाँ जीवें सब बारियाँ

का'बे दे गिर्द घुमिए, रौज़े दी जाली चुमिएतक आइए जन्नत दियाँ नाले कियारियाँ

सोहणे नूँ राज़ी करिए, रहमत थीं झोली भरिएपलकाँ दे नाल दिए थाँ थाँ बहारियाँ

रब दा हबीब ओथे, सब दा तबीब ओथेहुंदियाँ मदीने जा के दूर बीमारियाँ

सदमें क्यूँ हिज्र दे सहिए, एथे इक पल न रहिएवस जे चल्ले जाइए मार उडारियाँ

सूरत नूरानी जिस दी, दुनिया दीवानी जिस दीक्यूँ न मैं जावाँ, हाफ़िज़ ! उस तों बलिहारियाँ

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