नात लिरिक्स

Janasheen-e-Nabi Mere Siddiq Hain

जानशीन-ए-नबी मेरे सिद्दीक़ हैं

शायर: वहीद ज़ुल्फ़िक़ार फ़ैज़उपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

सहाबा के अफ़सर अबू-बकर प्यारेहमारे हैं रहबर अबू-बकर प्यारे

जा-नशीन-ए-नबी मेरे सिद्दीक़ हैंहक़ के हैं जो वली, मेरे सिद्दीक़ हैं

मेरे आक़ा की उम्मत में, यारो ! सुनोरहम-दिल उम्मती मेरे सिद्दीक़ हैं

दी बशारत नबी ने जिसे ख़ुल्द कीजन्नती जन्नती मेरे सिद्दीक़ हैं

जा-नशीन-ए-नबी मेरे सिद्दीक़ हैंहक़ के हैं जो वली, मेरे सिद्दीक़ हैं

सहाबा के अफ़सर अबू-बकर प्यारेहमारे हैं रहबर अबू-बकर प्यारे

हैं 'उमर और 'उस्मान प्यारे 'अलीजिस के सब मुक़तदी, मेरे सिद्दीक़ हैं

वो ख़लीफ़ा बिला-फ़स्ल बा'द-ए-नबीसय्यिदी मुर्शिदी मेरे सिद्दीक़ हैं

जा-नशीन-ए-नबी मेरे सिद्दीक़ हैंहक़ के हैं जो वली, मेरे सिद्दीक़ हैं

बा'द अज़ अंबिया हैं वही मुहतरमशान जिन की बड़ी, मेरे सिद्दीक़ हैं

आप के सब मनाक़िब ये फ़ाइज़ लिखेफिर पढ़े हर घड़ी, मेरे सिद्दीक़ हैं

जा-नशीन-ए-नबी मेरे सिद्दीक़ हैंहक़ के हैं जो वली, मेरे सिद्दीक़ हैं

सहाबा के अफ़सर अबू-बकर प्यारेहमारे हैं रहबर अबू-बकर प्यारे

सदाक़त, ख़िलाफ़त, इमामत में पहलेहैं मर्द-ए-क़लंदर अबू-बक्र प्यारे

हबीब-ए-ख़ुदा का तेरी गोद में सरवो कैसा था मंज़र, अबू-बक्र प्यारे !

सहाबा के अफ़सर अबू-बकर प्यारेहमारे हैं रहबर अबू-बकर प्यारे

वो शब-ए-ग़ार की थी नबी ने कहा जबतू हरगिज़ न ग़म कर, अबू-बक्र प्यारे !

मनाक़िब ये फ़ाइज़ तेरे जब लिखेगापढ़े फिर ये घर-घर, अबू-बक्र प्यारे !

सहाबा के अफ़सर अबू-बकर प्यारेहमारे हैं रहबर अबू-बकर प्यारे

जा-नशीन-ए-नबी मेरे सिद्दीक़ हैंहक़ के हैं जो वली, मेरे सिद्दीक़ हैं

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