नात लिरिक्स

Jab Madine Jayenge Hum Muskurate Jayenge

जब मदीने जाएँगे हम मुस्कुराते जाएँगे

नात ख़्वान: हाफ़िज़ मज़हर क़ादरी अशरफ़ीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

जब मदीने जाएँगे, हम मुस्कुराते जाएँगेजब वहाँ से आएँगे, आँसू बहाते आएँगे

झोलियाँ भर लेंगें उन की रहमतों से हम वहाँफूल जितने भी खिलेंगे, हम उठाते जाएँगे

सिर्फ़ आँसू हैं हमारे पास और कुछ भी नहींहाल अपना अपनी आँखों से सुनाते जाएँगे

शहर-ए-तयबा तेरा मंज़र कोई भी धुँदला न होअपने आँसू अपनी आँखों में छुपाते जाएँगे

लौट आएँगे वहाँ से हम ब-ज़ाहिर, सा'दिया !दिल में यादों के हज़ारों घर बनाते जाएँगे

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