नात लिरिक्स

Jaanam Fida-e-Ali | Ali Ali Ali Ali

जानम फ़िदा-ए-अली | अली अली अली अली

नात ख़्वान: क़ुरैशी ब्रदर्सशायर: वसीम बेख़ुद माण्डलवीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

जानम फ़िदा-ए-'अलीया 'अली ! 'अली 'अली !

'अली 'अली 'अली 'अली'अली 'अली 'अली 'अली

वो पंज-तन में एक तननबी के दीन की बरनहै जिन की फ़ातिमा दुल्हनपिसर हुसैन और हसनहै कोई और दूसरा'अली की तरह, तू बतामिलेगा न तुझे कभी

'अली 'अली 'अली 'अली'अली 'अली 'अली 'अली

जानम फ़िदा-ए-'अलीया 'अली ! 'अली 'अली !

'अता-ए-बे-हिसाब हैजो दीन का निसाब हैहै शहर-ए-'इल्म मुस्तफ़ा'अली तो उस का बाब हैलक़ब भी बू-तुराब हैजो सब से ला-जवाब हैजो बिल-यक़ीं है जन्नती

'अली 'अली 'अली 'अली'अली 'अली 'अली 'अली

जानम फ़िदा-ए-'अलीया 'अली ! 'अली 'अली !

'अदू-ए-दीन-ए-जान कोपछाड़ा पहलवान कोबुतों से पाक कर दियाख़ुदा के उस मकान कोतो क्यूँ मैं छोड़ूँ आन को !'अली 'अली की तान कोमैं कह रहा हूँ हर घड़ी

'अली 'अली 'अली 'अली'अली 'अली 'अली 'अली

जानम फ़िदा-ए-'अलीया 'अली ! 'अली 'अली !

कभी इधर, कभी उधरतू फिर रहा है दर-ब-दरचला है किस लिए किधरये बात सुन, ए बे-ख़बर !सुकून चाहिए अगरबस उन के दर पे जा ठहरलगा उन्हीं से दिल-लगी

'अली 'अली 'अली 'अली'अली 'अली 'अली 'अली

जानम फ़िदा-ए-'अलीया 'अली ! 'अली 'अली !

तुझे वो बरमला दियाख़ुदा ने मर्तबा दियातेरी नमाज़ के लिएख़ुदा ने ख़ुर फिरा दियाख़ुदा के घर से वो मिलातू लिख दे, बेख़ुद रज़ा !ख़ुदा का शेर है जली

'अली 'अली 'अली 'अली'अली 'अली 'अली 'अली

जानम फ़िदा-ए-'अलीया 'अली ! 'अली 'अली !

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