नात लिरिक्स

Hussain Ki Ye Mohabbat Hai Aur Musalsal Hai

हुसैन की ये मोहब्बत है और मुसलसल है

उपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

न पूछ कैसे कोई शाह-ए-मशरिक़ैन बनाबशर कहूँ उसे, 'अक़ीदत का ज़ेब-ओ-ज़ैन बना'अली का ख़ून, लु'आब-ए-रसूल, शीर-ए-बतूलमिले हैं जब ये 'अनासिर तो फिर हुसैन बना

हुसैन की ये मोहब्बत है और मुसलसल हैये किब्रिया की 'इनायत है और मुसलसल है

हुसैन की ये मोहब्बत है और मुसलसल है

नसीब में जो न हो वो हुसैन से माँगोयाँ माँगने की 'इजाज़त है और मुसलसल है

हुसैन की ये मोहब्बत है और मुसलसल है

बता दिया है नबी के तवील सज्दे नेहुसैन रूह-ए-'इबादत है और मुसलसल है

हुसैन की ये मोहब्बत है और मुसलसल है

हुसैन तेरी मोहब्बत में मौत आती नहींयही तो राह-ए-शहादत है और मुसलसल है

हुसैन की ये मोहब्बत है और मुसलसल है

हुसैन फ़ातेह-ए-'आलम है तय हुआ है, बतूल !यज़ीद के लिए ला'नत है और मुसलसल है

हुसैन की ये मोहब्बत है और मुसलसल है

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