नात लिरिक्स

Hussain Behtareen Hai

हुसैन बेहतरीन है

नात ख़्वान: हाफ़िज़ ताहिर क़ादरीशायर: मुहम्मद शौक़ीन नवाज़ शौक़ फ़रीदीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मुर्शिद हुसैन ! मौला हुसैन !रहबर हुसैन ! मौला हुसैन !

मेरा ख़ुदा जिसे औज-ए-कमाल देता हैउसे बतूल की चौखट पे डाल देता है

परखना हो जो किसी को तो या हुसैन कहोये नाम वो है जो शजरे खँगाल देता है

हुसैन बेहतरीन है, हुसैन बेहतरीन हैहुसैन बेहतरीन है, हुसैन बेहतरीन है

फ़क़त ज़मीन पर नहीं है 'अर्श पर भी तज़्किरा'अक़ीदा है, यक़ीन है

हुसैन बेहतरीन है, हुसैन बेहतरीन है

मुर्शिद हुसैन ! मौला हुसैन !रहबर हुसैन ! मौला हुसैन !

यज़ीदी सोच सोच कर इसी अलम में मर गयाकि सर तो मिल गया हमें मगर न साथ मिल सकाजहाँ में जिस से पूछिए, यही कहेगा बरमलायज़ीद बद-तरीन है

हुसैन बेहतरीन है, हुसैन बेहतरीन है

हुसैन इब्न-ए-मुर्तज़ाहुसैन जान-ए-फ़ातिमाहुसैन अख़ी-ए-मुज्तबाहुसैन शाह-ए-कर्बलाहुसैन फ़ख़्र-ए-मुस्तफ़ाहुसैन शेर-ए-किब्रियाहुसैन शाह ख़ुल्द काहुसैन दीन की पनाहतो फिर कहें न क्यूँ भलाहुसैन हुसैन हुसैन दूसरा नहीं

जवान लाडला हुसैन का लहू-लुहान हैऔर इक तरफ़ पड़ा है लाडला जो बे-ज़बान हैमगर ज़बान पर शना-ए-ख़ालिक़-ए-जहान हैवो शाह-ए-साबिरीन है

हुसैन बेहतरीन है, हुसैन बेहतरीन है

शाह-ए-कर्बला या हुसैन !शाह-ए-कर्बला या हुसैन !

चला जो रन में ले के ज़ुल्फ़िक़ार इब्न-ए-मुर्तज़ायज़ीदियत में यूँ लगा कि आ गया है ज़लज़लाकिसी की क्या मजाल है करे जो उस का सामनागवाह सर-ज़मीन है

हुसैन बेहतरीन है, हुसैन बेहतरीन है

शह-ए-दना का लाडला, हुसैन दूसरा नहींसरापा सब्र और वफ़ा, हुसैन दूसरा नहींनबी के दीं का रहनुमा, हुसैन दूसरा नहींहम 'आशिक़ों का बादशाह, हुसैन दूसरा नहींसहाबा ने भी कह दिया, हुसैन दूसरा नहींलगाओ 'आशिक़ो सदा, हुसैन दूसरा नहीं

हुसैन इब्न-ए-मुर्तज़ा नवासा शाह-ए-दीन काहसन है उस का भाईजान और माँ हैं फ़ातिमाहुसैन शाह-ए-कर्बला, हुसैन दीं का रहनुमाहुसैन ख़ुश-तरीन है

हुसैन बेहतरीन है, हुसैन बेहतरीन है

मुर्शिद हुसैन ! मौला हुसैन !रहबर हुसैन ! मौला हुसैन !

हुसैन दीन भी हैं और हैं दीन की पनाह भीहुसैन शाह भी हैं और हुसैन बादशाह भीहै सब का इस पे इत्तिफ़ाक़, मानता है हर कोईये फ़िक़रा-ए-मु'ईन है

हुसैन बेहतरीन है, हुसैन बेहतरीन है

रिज़ा-ए-रब के वास्ते है घर का घर लुटा गयाकिया था वा'दा बचपने में जो उसे निभा गयानिसार हो के दीन पर जो सारे जग पे छा गयावो दीन का मु'ईन है

हुसैन बेहतरीन है, हुसैन बेहतरीन है

शाह-ए-कर्बला या हुसैन !शाह-ए-कर्बला या हुसैन !

गले पे ले रहे हैं बोसा ताजदार-ए-अंबियासुना के जिस को लोरियाँ सुला रही है सय्यिदावो हम-शबीह-ए-मुस्तफ़ा, जहाँ में सब से है जुदाहसीन-ओ-मह-ज़बीन है

हुसैन बेहतरीन है, हुसैन बेहतरीन है

हुसैन जान-ए-फ़ातिमा, हुसैन शान-ए-हैदरीहुसैन वो है जिस की मद्ह करते हैं मेरे नबीमैं उस की शान क्या लिखूँ भला, ऐ शौक़-ए-क़ादरी !हुसैन तो हसीन है

हुसैन बेहतरीन है, हुसैन बेहतरीन हैहुसैन बेहतरीन है, हुसैन बेहतरीन है

मुर्शिद हुसैन ! मौला हुसैन !रहबर हुसैन ! मौला हुसैन !

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