नात लिरिक्स

Hussain Tum Ko Zamana Salam Kehta Hai

हुसैन तुम को ज़माना सलाम कहता है

नात ख़्वान: हाफ़िज़ बिलाल क़ादरीशायर: सय्यिद शाह आल-ए-मुस्तफ़ा सय्यिद मियाँ मारहरवीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

हुसैन ! तुम को ज़माना सलाम कहता है

तुम्हारे सज्दे को का'बा सलाम कहता हैजलाल-ए-क़ुब्बा-ए-ख़ज़रा सलाम कहता हैचमन का हर गुल-ओ-ग़ुंचा सलाम कहता हैहुसैन ! तुम को ज़माना सलाम कहता है

हुसैन ! तुम को ज़माना सलाम कहता है

चराग़-ओ-मस्जिद-ओ-मिम्बर सलाम कहते हैंनबी, रसूल-ओ-पयम्बर सलाम कहते हैं'अली-ओ-फ़ातिमा, शब्बर सलाम कहते हैंख़ुदा गवाह कि नाना सलाम कहता है

हुसैन ! तुम को ज़माना सलाम कहता है

ख़ुदा की राह में सर को कटा दिया तुम नेनबी के दीन पे घर को लुटा दिया तुम नेनिशान-ए-कुफ़्र को यकसर मिटा दिया तुम नेतुम्हें ख़ुदा भी तुम्हारा सलाम कहता है

हुसैन ! तुम को ज़माना सलाम कहता है

तुम्हें फ़लक के सितारे सलाम कहते हैंतुम्हें क़ुरआन के पारे सलाम कहते हैंतुम्हें हरम के मिनारे सलाम कहते हैंइमाम ! तुम को मदीना सलाम कहता है

हुसैन ! तुम को ज़माना सलाम कहता है

सना तुम्हारी वज़ीफ़ा है मेरा आबाईतुम्हारी मद्ह तो शेवा है मेरा, मौलाई !बस इक नज़र हो जो मुझ पर तो मेरी बन आईतुम्हारा सय्यिद-ए-शैदा सलाम कहता है

हुसैन ! तुम को ज़माना सलाम कहता है

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