नात लिरिक्स

Husain Jaisa Shaheed-e-Aa'zam Jahaan Mein Koi Huwa Nahin Hai

हुसैन जैसा शहीद-ए-आ'ज़म जहाँ में कोई हुवा नहीं है

नात ख़्वान: क़ारी रियाज़ुद्दीनउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

हुसैन जैसा शहीद-ए-आ'ज़म जहाँ में कोई हुआ नहीं हैछुरी के नीचे गला है लेकिन किसी से कोई गिला नहीं है

'अदू थे जब सर पे तेग़ तोले, हुसैन सज्दे में जा के बोलेमदीने वालो ! गवाह रहना, नमाज़ मेरी क़ज़ा नहीं है

पुकारे 'अब्बास, ऐ सकीना ! मैं पानी लाऊँगा ख़ूब पीनाकटे हैं बाज़ू, छिदा है सीना, अभी मेरा सर कटा नहीं है

ग़रीब उम्मत की बेकसी पर हुसैन का सर कटा है लेकिनयज़ीद जैसे शक़ी के आगे हुसैन का सर झुका नहीं है

हुसैन फ़रमाएँ साथियों से, अदा करो पुर-जलाल सज्देहै तेग़-ओ-ख़ंजर, तबर का साया, कहाँ हमारा ख़ुदा नहीं है ?

यज़ीद दुनिया में लाख आए, सितम किए और ज़ुल्म ढाएचराग़-ए-तौहीद फिर भी, सादिक़ ! जला है लेकिन बुझा नहीं है

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