नात लिरिक्स

Hum Bekason Ka Shah-e-Madina Salam Lo

हम बेकसों का शाह-ए-मदीना सलाम लो

नात ख़्वान: मजीद शोला क़व्वालउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

हुज़ूर ! दर्द के मारे सलाम कहते हैंदिल-ओ-निगाह हमारे सलाम कहते हैं

शफ़ी'-ए-रोज़-ए-जज़ा तुम हो, या रसूलल्लाह !गुनाहगार तुम्हारे सलाम कहते हैं

हम बेकसों का, शाह-ए-मदीना ! सलाम लोआक़ा ! सलाम लो, शह-ए-बतहा ! सलाम लो

हम बेकसों का, शाह-ए-मदीना ! सलाम लो

वल्लाह ! सारे नबियों के सरताज हो तुम्हीमहबूब-ए-हक़ हो, साहिब-ए-मे'राज हो तुम्हीप्यारे रसूल, 'अर्श के दूल्हा ! सलाम लो

हम बेकसों का, शाह-ए-मदीना ! सलाम लो

तुम से ही दीन मिल गया, ईमान मिल गयारहमत मिली, करम मिला, क़ुरआन मिल गयासब कुछ तुम्हीं से पाया है, दाता ! सलाम लो

हम बेकसों का, शाह-ए-मदीना ! सलाम लो

तुम बिन नहीं है कोई मददगार, या नबी !तूफ़ान-ए-ग़म से कर दो हमें पार, या नबी !मजबूर ग़मज़दों का ख़ुदा-रा सलाम लो

हम बेकसों का, शाह-ए-मदीना ! सलाम लो

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