नात लिरिक्स

Hidayat Rahnumai Hain Mere Sarkar Ki Baatein

हिदायत राहनुमाई हैं मेरे सरकार की बातें

नात ख़्वान: हसन अफ़ज़ाल सिद्दीक़ीशायर: अफ़ज़ाल सिद्दीक़ीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

हिदायत राहनुमाई हैं मेरे सरकार की बातेंभलाई ही भलाई हैं मेरे सरकार की बातें

गिरेंगे ताज क़दमों में नबी का बन के तो देखोसहाबा ने सिखाई हैं मेरे सरकार की बातें

बने सिद्दीक़-ओ-फ़ारूक़ और ग़नी-ओ-हैदर-ए-कर्रारवो जिन के मन को भाई हैं मेरे सरकार की बातें

ख़ज़ाना मिल गया गोया जहाँ में दर्दमंदों कोग़रीबों की कमाई हैं मेरे सरकार की बातें

भटकने ही नहीं देता है उन का उस्वा-ए-हसनाभँवर में ना-ख़ुदाई हैं मेरे सरकार की बातें

अँधेरे जब भी आए हैं मेरी मंज़िल के रस्ते मेंहमेशा जगमगाई हैं मेरे सरकार की बातें

हुई तदफ़ीन नफ़रत की, वफ़ाओं के चमन महकेमोहब्बत की दुहाई हैं मेरे सरकार की बातें

वुजूद-ए-ज़न को बख़्शी आबरू सर पर रिदा दे करहया हैं पारसाई हैं मेरे सरकार की बातें

बग़ैर उन की इता'अत के 'इबादत है रिया-कारीख़ुदा से आशनाई हैं मेरे सरकार की बातें

मुझे, अफ़ज़ाल ! भाते ही नहीं मंज़र ज़माने केमेरे दिल में समाई हैं मेरे सरकार की बातें

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