नात लिरिक्स

Hasan Ke Dushman Ali Ke Qatil Umar Ki Azmat Se Jalne Wale

हसन के दुश्मन अली के क़ातिल उमर की अज़मत से जलने वाले

शायर: मुज़म्मिल हयातउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

हसन के दुश्मन, 'अली के क़ातिल, 'उमर की 'अज़मत से जलने वालेहुसैन को कर्बला बुला कर यही थे पाला बदलने वाले

सफ़ेद चमड़ी सियाह फ़ितरत, लहू रगों में सबाइयत कावो ख़ुद को मोमिन बता रहे हैं, मुता'ह के ख़र्चे पे पलने वाले

ग़ुरूर-ए-बातिल से जा के कह दो, 'उमर का लश्कर पहुँच रहा हैतेरी ज़मीं है लरज़ने वाली, तेरे महल हैं दहलने वाले

हमीं सहाबा के साथ थे कल, हमीं तो महदी के साथ होंगेहमीं रहे हैं हमीं रहेंगे, निज़ाम-ए-दुनिया बदलने वाले

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