हर तरफ नूर ही नूर सा छा गयाजश्ने-मीलाद है आज सरकार काउनके आने से आई बहारें सभीजो मुक़द्दर खुला सारे संसार का
हर तरफ नूर ही नूर सा छा गयाजश्ने-मीलाद है आज सरकार का
जब विलादत हुई रब के दिलदार कीरब्बे-ह़ब्ली सदाएं थी सरकार कीसारे आलम में ढूँढा मगर ना मिलाकोई सानी नहीं आप के प्यार का
हर तरफ नूर ही नूर सा छा गयाजश्ने-मीलाद है आज सरकार का
आज सजने लगा है ये फ़र्शे-ज़मींऔर रब ने सजाया है अर्शे-बरीपढ़के फ़द़लिल्लाह तू भी मना ले ख़ुशीकोई मक़सद नहीं तेरे इन्कार का
हर तरफ नूर ही नूर सा छा गयाजश्ने-मीलाद है आज सरकार का
क्यूं न ख़ुशियों के लम्हे दो-बाला करेंउनके दीवाने हैं, उनके मस्ताने हैंउम्र भर उनकी ख़ुशियाँ मनाएंगे हमकोई होगा नहीं अपने मेयार का
हर तरफ नूर ही नूर सा छा गयाजश्ने-मीलाद है आज सरकार का
मैं दुरूदो-सलामों के तोहफे लियेक़ारी नोअ़मान जाऊँ मदीने कभीदेख लूँ अपनी बे-नूर आँखों से मैंमन्ज़रे-दिलरुबा उनके दरबार का
हर तरफ नूर ही नूर सा छा गयाजश्ने-मीलाद है आज सरकार काउनके आने से आई बहारें सभीजो मुक़द्दर खुला सारे संसार का
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