नात लिरिक्स

Haq Naat-e-Payambar Ka Ada Kaun Karega

हक़ नात-ए-पयम्बर का अदा कौन करेगा

नात ख़्वान: अकमल-ओ-कौसरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

हक़ ना'त-ए-पयम्बर का अदा कौन करेगा'आशिक़ न करेगा तो भला कौन करेगा

ऐ सरवर-ए-कौनैन ! मेरे ग़म की कहानीजब तुम न सुनोगे तो सुना कौन करेगा

या रब ! मेरे माँ-बाप की तू 'उम्र बढ़ा देवर्ना मेरे जीने की दु'आ कौन करेगा

सर दे दिया शब्बीर ने, सज्दा नहीं छोड़ाइस शान से सज्दे को अदा कौन करेगा

हैं इब्न-ए-'अली बैठे हुए पुश्त-ए-नबी परनाना से नवासे को जुदा कौन करेगा

ऐ फ़ातिमा ज़हरा ! तेरे बच्चों के 'इलावाइस्लाम के गुलशन को हरा कौन करेगा

हिरनी ने ये बच्चों से कहा दूध पिला करआक़ा न करेंगे तो रिहा कौन करेगा

कहती है ज़मीं, गुंबद-ए-ख़ज़रा के 'इलावाहरियाली ज़माने को 'अता कौन करेगा

हर सुन्नी का बच्चा न चलेगा तो, ऐ कौसर !हस्सान की सुन्नत पे चला कौन करेगा

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