हक अल्लाह, हक अल्लाह, हक अल्लाह, हक अल्लाह
ए मुजाहिदे नबी, नात गुनगुनाये जानग़मा-ए मुहम्मदी, तू झूम कर सुनाये जादो जहाँ पर छाऐ जा, ज़र्बे हक लगाये जा
हक अल्लाह, हक अल्लाह, हक अल्लाह, हक अल्लाह
परचम-ऐ नबी उठा ले, तू ख़ुदा का आसरादरसे मुर्शिदी है ये, हक पे ज़िन्दगी लुटाहक पे जाँ लुटाये जा, ज़र्बे हक लगाये जा
हक अल्लाह, हक अल्लाह, हक अल्लाह, हक अल्लाह
बात कर तू बाद में, पहले तू सलाम करजो तेरे बुजुर्ग हैं, उन का ऐहतराम करउन से फैज़ पाए जा, ज़र्बे हक लगाये जा
हक अल्लाह, हक अल्लाह, हक अल्लाह, हक अल्लाह
शुक्र कर ख़ुदा का तू, तुझ को यह वतन मिलापाक सरज़मीं मिली, और यह चमन मिलासर को तू झुकाए जा, ज़र्बे हक लगाये जा
हक अल्लाह, हक अल्लाह, हक अल्लाह, हक अल्लाह
झूठ बोलना नहीं, तुम कभी ज़ुबान सेलानते खुदा है ये, देख लो कुरआन सेसच के गीत गाऐ जा, ज़र्बे हक लगाये जा
हक अल्लाह, हक अल्लाह, हक अल्लाह, हक अल्लाह
अपने मुर्शिदी का दिल, इस तरह से शाद करजो सबक मिले तुझे तू दिल लगा के याद करउन से फैज़ पाए जा, ज़र्बे हक लगाये जा
हक अल्लाह, हक अल्लाह, हक अल्लाह, हक अल्लाह
आए जो रमज़ान जो, रोज़ो का अहतराम करखा तू रब की नैमतें, ज़िक्र उस का आम करज़िक्र तू सुनाये जा, ज़र्बे हक लगाये जा
हक अल्लाह, हक अल्लाह, हक अल्लाह, हक अल्लाह
आरजू की है दुआ, और रहे सुखी सदामेहरबान आका हों, और करम करे खुदामदनी रंग में रंगता जा, ज़र्बे हक लगाये जा
हक अल्लाह, हक अल्लाह, हक अल्लाह, हक अल्लाह
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