नात लिरिक्स

Hanste Hue Rehte Hain Insaan Madine Mein

हँसते हुए रहते हैं इंसान मदीने में

नात ख़्वान: तस्लीम आरिफ़ ख़ानशायर: शौक़ वज़ीर गंजवीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

हँसते हुए रहते हैं इंसान मदीने मेंहर वक़्त चमकता है ईमान मदीने में

इस तरह से पूरा हो अरमान मदीने मेंका'बे में मेरा दिल हो और जान मदीने में

अल्लाह उसे अपना मेहमान समझता हैइंसान जो होता है मेहमान मदीने में

जन्नत के तलबगारो ! जा कर तो कभी देखोमौजूद हैं जन्नत के सामान मदीने में

करता है ख़ुदा पूरी जो नेक दु'आ माँगोहोती है हर इक मुश्किल आसान मदीने में

ऐ काश ! कभी हम भी दरबार में हाज़िर होंअब जल्द बुला लीजे, सुलतान ! मदीने में

अल्लाह ने कैसा घर आक़ा का बनाया हैदाख़िल नहीं हो सकता शैतान मदीने में

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