नात लिरिक्स

Hai Noori Paseene Ki Mahak Se Ye Chaman Phool | Sar-Ta-Ba-Qadam Hai With Tazmeen

है नूरी पसीने की महक से ये चमन फूल | सर-ता-ब-क़दम है तज़मीन के साथ

नात ख़्वान: शरीफ़ रज़ा पालीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

है नूरी पसीने की महक से ये चमन फूलहर ख़ार बना दम से तेरे रश्क-ए-'अदन फूलहै नूरी नयन, नूरी सुख़न, नूरी बतन फूलसर-ता-ब-क़दम है तन-ए-सुल्तान-ए-ज़मन फूललब फूल दहन फूल ज़क़न फूल बदन फूल

ना'लैन के ज़र्रों की चमक 'अर्श ने पाईक़ुरआँ ने क़सम मक्का मदीना की है खाईइक मैं ही नहीं बल्कि है क़ुर्बान ख़ुदाईदंदान-ओ-लब-ओ-ज़ुल्फ़-ओ-रुख़-ए-शह के फ़िदाईहैं दुर्र-ए-'अदन, ला'ल-ए-यमन, मुश्क-ए-ख़ुतन, फूल

हो क़ल्ब मो'अत्तर मेरा, सरकार-ए-मदीना !माँगा ये करूँ रब से दु'आ रोज़-ओ-शबीनामहफूज़ रहे हश्र तक ईमाँ का ख़ज़ीनावल्लाह जो मिल जाए मेरे गुल का पसीनामाँगे न कभी 'इत्र, न फिर चाहे दुल्हन फूल

सरकार-ए-मदीना का है पुर-नूर सरापाख़ाकी की नज़र ख़ाक करे उस का नज़ाराअफ़लाक के तारों ने लगाया यही ना'रादिल अपना भी शैदाई है उस नाख़ुन-ए-पा काइतना भी मह-ए-नौ पे न ऐ चर्ख़-ए-कुहन ! फूल

जब ख़ाक मिली मुझ को तेरे बाब-ए-करम कीफिर पंजतन-ए-पाक की तौसीफ़ रक़म कीऐ शरीफ़-ए-रज़ा ! तुझ को मिली भीक हरम कीक्या बात, रज़ा ! उस चमनिस्तान-ए-करम कीज़हरा है कली जिस में, हुसैन और हसन फूल

कलाम:इमाम अहमद रज़ा ख़ान

तज़मीन:शरीफ़ रज़ा पाली

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