नात लिरिक्स

Hai Nazar Mein Jamal-e-Habib-e-Khuda Jin Ki Tasweer Seene Mein Maujood Hai

है नज़र में जमाल-ए-हबीब-ए-ख़ुदा जिन की तस्वीर सीने में मौजूद है

नात ख़्वान: बरकतुल्लाह अशरफ़उपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

है नज़र में जमाल-ए-हबीब-ए-ख़ुदाजिन की तस्वीर सीने में मौजूद हैजिस ने ला कर कलाम-ए-इलाही दियावो मुहम्मद मदीने में मौजूद है

फूल खिलते हैं पढ़ पढ़ के सल्ले-'अलाझूम कर कह रही है ये बाद-ए-सबाऐसी ख़ुश्बू चमन के गुलों में कहाँ !जो नबी के पसीने में मौजूद है

छोड़ना तेरा तयबा गवारा नहींसारी दुनिया में ऐसा नज़ारा नहींऐसा मंज़र ज़माने में देखा नहींजैसा मंज़र मदीने में मौजूद है

हम ने माना कि जन्नत बहुत है हसींछोड़ कर हम मदीना न जाएँ कहींयूँ तो जन्नत में सब है मदीना नहींऔर जन्नत मदीने में मौजूद है

वो अबू-बक्र, फ़ारूक़, 'उस्मान, 'अलीहैं ये सब उन के दीन-ए-मुबीं के फ़क़ीहवो फ़क़ीहों के अफ़सर, शह-ए-अंबियावो शहंशाह मदीने में मौजूद है

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