नात लिरिक्स

Habeeb-e-Khuda 'Arsh Par Jaane Waale

हबीब-ए-ख़ुदा 'अर्श पर जाने वाले

नात ख़्वान: मुहम्मद वक़ार अत्तारीशायर: मौलाना मुहम्मद जमीलुर्रहमान रज़वीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

हबीब-ए-ख़ुदा, 'अर्श पर जाने वालेवो इक आन में जा के फिर आने वाले

ख़ुदा को इन आँखों से देख आने वालेवो तफ़्सील से सैर फ़रमाने वाले

वो इक आन में जा के फिर आने वाले

हबीब-ए-ख़ुदा, 'अर्श पर जाने वाले

वो अक़्सा में मे'राज की शब पहुँच करइमामत नबियों की फ़रमाने वाले

वो इक आन में जा के फिर आने वाले

हबीब-ए-ख़ुदा, 'अर्श पर जाने वाले

इशारे से उन के क़मर के हुए दोये हैं दम में सूरज को लौटाने वाले

वो इक आन में जा के फिर आने वाले

हबीब-ए-ख़ुदा, 'अर्श पर जाने वाले

रहा उन के माथे शफ़ा'अत का सेहरायही हैं गुनाहों के बख़्शाने वाले

वो इक आन में जा के फिर आने वाले

हबीब-ए-ख़ुदा, 'अर्श पर जाने वाले

दुआ है कि अहबाब में हो ये चर्चाजमील अब मदीने को हैं आने वाले

वो इक आन में जा के फिर आने वाले

हबीब-ए-ख़ुदा, 'अर्श पर जाने वाले

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