नात लिरिक्स

Fida Aap Ka Ye Ghulam Aap Par Ho

फ़िदा आप का ये ग़ुलाम आप पर हो

नात ख़्वान: यासिर सुहरवर्दीशायर: बिन्त-ए-ताहिरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मता'-ए-दिल-ओ-जाँ निसार आप पर होफ़िदा आप का ये ग़ुलाम आप पर हो

बड़ी मुद्दतों से ये चाहत है दिल कीहों शहर-ए-नबी में, सलाम आप पर हो

कभी अश्क-बारी, कभी आह-ओ-ज़ारीख़ुलूस-ए-मोहब्बत तमाम आप पर हो

उहुद का वो मैदाँ, वो ताइफ़ की वादीवो ख़ाक-ए-मदीना निसार आप पर हो

ये इक जान क्या गर करोड़ों हों जानेंफ़ना, ऐ हबीब-ए-अनाम ! आप पर हो

इसी के हैं क़ाबिल मेरे मुस्तफ़ा तोकि क़ुर्बान सारा जहान आप पर हो

दर-ए-मुस्तफ़ा पर जो जाओ तो कहनासना-ख़्वाँ का आक़ा सलाम आप पर हो

ख़ुदा बिन्त-ए-ताहिर की क़िस्मत में लिख देहो दीदार उन का कलाम आप पर हो

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