नात लिरिक्स

Fazl-e-Aaqa Se Rab Ki Ata Se Kya Haseen Rang Paya Hai Sehra

फ़ज़्ल-ए-आक़ा से रब की अता से क्या हसीं रंग पाया है सेहरा

उपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

फ़ज़्ल-ए-आक़ा से रब की 'अता सेक्या हसीं रंग पाया है सेहराप्यारे दूल्हा ! मुबारक हो तुम कोये ख़ुदा ने दिखाया है सेहरा

वालिदा तेरी ख़ुश हो रही हैऔर वालिद दु'आ दे रहे हैंसदक़े में कमली वाले नबी केमेरे बेटे ने पाया है सेहरा

बहनें फूले समाती नहीं हैंकुछ ज़बाँ से भी कहती नहीं हैंपढ़ के अल-हम्दु बहनों ने तेरीतेरे माथे पे बाँधा है सेहरा

तेरे बहनोई ने क्या किया हैतुझ को मस्जिद में पहुँचा दिया हैजा के मस्जिद में शुक्र-ए-ख़ुदा करहर ख़ुशी ले के आया है सेहरा

तेरे मामू भी आए हैं घर सेतेरी मुमानी कहती है कब सेदेख लो भानजे का तुम्हारेकिस-क़दर जगमगाया है सेहरा

फूफी-फूफा का है तुझ से कहनादुख कभी हो तो ख़ुश हो के सहनाअपने माँ-बाप को दुख न देनाये सबक़ तुझ को लाया है सेहरा

ख़ालू-ख़ाला भी ख़ुश हो रहे हैंऔर तुझ को ये समझा रहे हैंहर बशर देख कर तुझ को कह देतू ने कैसा निभाया है सेहरा

चाचा-ताया सभी कुन्बे वालेकह रहे हैं वो नाज़ों के पालेग़ौस-ए-आ'ज़म को दिल में बसा लेहर बला से बचाएगा सेहरा

नशीद-ख़्वाँ:अयूब रज़ा संभली

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