नात लिरिक्स

Falak Par Chand Jaisa Hai Nabi Ka Naam Aisa Hai

फ़लक पर चाँद जैसा है नबी का नाम ऐसा है

नात ख़्वान: हस्सान फ़ारूक़शायर: अबू अहमदउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

फ़लक पर चाँद जैसा है, नबी का नाम ऐसा हैदिलों से ग़म मिटाता है, मुहम्मद नाम ऐसा है

ये दिल जब ग़म का मारा हो मुहम्मद याद आते हैंजुदा जब कोई प्यारा हो, मुहम्मद याद आते हैं

फ़लक पर चाँद जैसा है, नबी का नाम ऐसा हैदिलों से ग़म मिटाता है, मुहम्मद नाम ऐसा है

कि उन की याद की शबनम है मरहम मेरे ज़ख़्मों काऔर उन के नाम की बरकत से दिल तस्कीन पाता है

फ़लक पर चाँद जैसा है, नबी का नाम ऐसा हैदिलों से ग़म मिटाता है, मुहम्मद नाम ऐसा है

किसी का दिल दुखाओ न सताओ ख़ल्क़-ए-बारी कोमेहरबानी का हर रस्ता मदीने को ही जाता है

फ़लक पर चाँद जैसा है, नबी का नाम ऐसा हैदिलों से ग़म मिटाता है, मुहम्मद नाम ऐसा है

बनो तुम साएबाँ मीठा नबी की सारी उम्मत परयही उल्फ़त, यही चाहत नबी का नाम देता है

फ़लक पर चाँद जैसा है, नबी का नाम ऐसा हैदिलों से ग़म मिटाता है, मुहम्मद नाम ऐसा है

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