नात लिरिक्स

Ek Taraf Ek Haseen Ek Taraf Aaina

इक तरफ़ इक हसीं इक तरफ़ आईना

नात ख़्वान: साद रज़ा मुज़फ़्फ़रपुरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

इक तरफ़ इक हसीं, इक तरफ़ आईनाआईना 'इश्क़ का पहला ज़ीना बनाआईना टूट कर जब गिरा दो तरफ़एक का'बा बना, इक मदीना बना

इक तरफ़ इक हसीं, इक तरफ़ आईनाआईना 'इश्क़ का पहला ज़ीना बना

जब भी तूफ़ान मुझ को डुबोने चलाबन गए कमली वाले मेरे ना-ख़ुदाउन की कमली भँवर में बनी बादबाँउन का ना'लैन मेरा सफ़ीना बना

इक तरफ़ इक हसीं, इक तरफ़ आईनाआईना 'इश्क़ का पहला ज़ीना बना

हाजियो ! जब तवाफ़-ए-हरम कर चुकोदेर क्या है, चलो सू-ए-तयबा चलेंदीद-ए-का'बा भी हो, दीद-ए-तयबा भी होइस बहाने से हज का महीना बना

इक तरफ़ इक हसीं, इक तरफ़ आईनाआईना 'इश्क़ का पहला ज़ीना बना

केवल उपलब्ध श्रेय दिखाए गए हैं; अनुपलब्ध जानकारी का अनुमान नहीं लगाया गया।