नात लिरिक्स

Duniya Mein Sada Mulk Ka Samman Rahega

दुनिया में सदा मुल्क का सम्मान रहेगा

शायर: इंजीनियर आदिल फ़राज़उपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

दुनिया में सदा मुल्क का सम्मान रहेगाहर हिन्दू-मुसलमान की तू जान रहेगा

ये झंडा तेरी शान बताता है जहाँ को'अज़मत मेरे भारत की दिखाता है जहाँ कोदुश्मन के लिए शेर हैं तय्यार तुम्हारेडरते नहीं दुनिया से ये अंसार तुम्हारेसरहद पे खड़ा तेरा निगहबान रहेगाहर हिन्दू-मुसलमान की तू जान रहेगा

दुनिया में सदा मुल्क का सम्मान रहेगाहर हिन्दू-मुसलमान की तू जान रहेगा

हम ने ही निकाला है ग़ुलामी से वतन कोगुलज़ार बनाया है लहू दे के चमन कोहर सिम्त खिले फूल हैं और ताज़ा हवा हैआज़ाद परिंदे हैं, यहाँ कैसी फ़िज़ा हैअब इस में बहारों का ही 'उनवान रहेगाहर हिन्दू-मुसलमान की तू जान रहेगा

दुनिया में सदा मुल्क का सम्मान रहेगाहर हिन्दू-मुसलमान की तू जान रहेगा

सूरज नया निकला है ज़माने पे 'अयाँ हैभारत तेरी धरती पे तो जन्नत का समाँ हैक्या शान से बहती हैं यहाँ जमना-ओ-गंगाहर शख़्स के है हाथ में इक अपना तिरंगाये जश्न-ए-बहाराँ है हर इक आन रहेगाहर हिन्दू-मुसलमान की तू जान रहेगा

दुनिया में सदा मुल्क का सम्मान रहेगाहर हिन्दू-मुसलमान की तू जान रहेगा

मेहनत से बड़ी देश ये आज़ाद हुआ हैइस मुल्क पे अपने तो बुज़ुर्गों की दु'आ हैनानक की है, चिश्ती की है ये राम की धरतीमालिक तेरी रहमत की है, इन'आम की धरतीगीता भी रहेगी यहाँ क़ुरआन रहेगाहर हिन्दू-मुसलमान की तू जान रहेगा

दुनिया में सदा मुल्क का सम्मान रहेगाहर हिन्दू-मुसलमान की तू जान रहेगा

इस्कूल हो, कालिज हो या कोई मदरसाहर एक के आँगन में लगा आज तिरंगासब नग़्मा सुनाते हैं यहाँ देश के अंदरशहबाज़ उड़ा तोड़ के पिंजरा है फ़लक परदुश्मन के लिए ख़ौफ़ का सामान रहेगाहर हिन्दू-मुसलमान की तू जान रहेगा

दुनिया में सदा मुल्क का सम्मान रहेगाहर हिन्दू-मुसलमान की तू जान रहेगा

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