नात लिरिक्स

Duniya Jis Ko Maa Kehti Hai Zaat Badi Ba-barkat Hai

दुनिया जिस को माँ कहती है ज़ात बड़ी बा-बरकत है

शायर: अय्यूब शबनमउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

दुनिया जिस को माँ कहती है, ज़ात बड़ी बा-बरकत हैमाँ ऐसी हस्ती है जिस के क़दम के नीचे जन्नत है

माँ ने अपने ख़ून-ए-जिगर से दुनिया को सैराब कियाग़ौस-ओ-क़ुतुब और पीर-पयम्बर सब को माँ ने जनम दियामाँ के हसीं पैकर में देखो शान-ए-रब्बुल-'इज़्ज़त हैमाँ ऐसी हस्ती है जिस के क़दम के नीचे जन्नत है

थपकी दे कर, नग़्मा गा कर माँ उस को बहलाती हैदूध की सूरत में वो अपना दिल का ख़ून पिलाती हैमाँ के गोशे में पोशीदा इक पाकीज़ा शफ़क़त हैमाँ ऐसी हस्ती है जिस के क़दम के नीचे जन्नत है

घर वाले सब सो जाते हैं, जागती माँ रह जाती हैबच्चे के आराम की ख़ातिर हर दुख को सह जाती हैमाँ के आँचल के साए में चैन सुकूँ है राहत हैमाँ ऐसी हस्ती है जिस के क़दम के नीचे जन्नत है

माँ की दु'आएँ ले कर जब मैं अपने घर से निकलता हूँऐसा लगता है कि जन्नत की वादी में टहलता हूँमाँ की दु'आ के सदक़े में हर-सू जहाँ में शोहरत हैमाँ ऐसी हस्ती है जिस के क़दम के नीचे जन्नत है

माँ की इक छोटी सी हँसी से दिल का चमन खिल जाता हैमाँ की आँख में आँसू हो तो 'अर्श-ए-ख़ुदा हिल जाता हैमाँ की 'अज़मत जो न समझे उस पे ख़ुदा की ला'नत हैमाँ ऐसी हस्ती है जिस के क़दम के नीचे जन्नत है

उस के दिल से जा कर पूछो जिस की माँ मर जाती हैमन का आँगन, दिल की दुनिया सब सूना कर जाती हैमाँ ही घर की रौनक़ है और माँ ही घर की ज़ीनत हैमाँ ऐसी हस्ती है जिस के क़दम के नीचे जन्नत है

प्यारे बच्चो ! तुम भी समझो माँ की दिल से क़द्र करोमाँ की ख़िदमत फ़र्ज़ है तुम पर, माँ को कभी तकलीफ़ न दोशबनम ! तुम भी समझो माँ की ज़ात सरापा रहमत हैमाँ ऐसी हस्ती है जिस के क़दम के नीचे जन्नत है

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