नात लिरिक्स

Duaaon Mein Meri Khudaya Asar De

दुआओं में मेरी ख़ुदाया असर दे

नात ख़्वान: आइशा अब्दुल बासितशायर: सय्यिद अबू-बकर मालिकीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

दु'आओं में मेरी, ख़ुदाया ! असर देमेरी काविशों का मुझे तू समर दे

करूँ अहल-ए-दुनिया के ग़म का मदावामेरे हाथ में कोई ऐसा हुनर दे

भटकता फिरा हूँ मैं मंज़िल की ख़ातिरजो फलदार हो कोई ऐसा शजर दे

दु'आओं में मेरी, ख़ुदाया ! असर देमेरी काविशों का मुझे तू समर दे

'अता कर मेरे दिल को तस्कीन, या रब !मैं कब माँगता हूँ कि ला'ल-ओ-गुहर दे

मैं दुनिया के महलों का तालिब नहीं हूँमेरी ये दु'आ है कि जन्नत में घर दे

दु'आओं में मेरी, ख़ुदाया ! असर देमेरी काविशों का मुझे तू समर दे

जो माँ-बाप का दर्द रखता हो दिल मेंख़ुदाया ! मुझे ऐसा नूर-ए-नज़र दे

ख़ुशी दे के वापस न लेना कभी तून हो शाम जिस की तू ऐसी सहर दे

दु'आओं में मेरी, ख़ुदाया ! असर देमेरी काविशों का मुझे तू समर दे

मुझे माल-ओ-ज़र दे के मग़रूर न करमेरे दिल में अल्लाह तू अपना डर दे

तमन्ना है मेरी, हो दीदार तेरानज़र आए मुझ को तू ऐसी नज़र दे

दु'आओं में मेरी, ख़ुदाया ! असर देमेरी काविशों का मुझे तू समर दे

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