नात लिरिक्स

Dirilis Ertugrul Kalam (Urdu) - Nomaan Shah Bukhari

दिरिलिस एर्तुग्रुल कलाम (उर्दू ) - नोमान शाह बुखारी

उपलब्ध: हिंदी

अल-हय्यु हु अल्लाहअल-हक़्क़ हु अल्लाह

एक अल्लाह से डरने वालेकलमा नबी का पड़ने वाले हैंदीन-ए-मुहम्मद के रखवालेशमए-रिसालत के मतवाले हैंरग रग में ईमान बसा हैसीनों में क़ुरआन बसा हैरब के आगे झुकनेवाले हैंराह-ए-हक़ के हैं हम राहीदेती है तारीख़ गवाहीज़ुल्म से बढ़ के लड़नेवाले हैं

अल-हय्यु हु अल्लाहअल-हक़्क़ हु अल्लाह

हम हैं ख़ातिमून-नबी की उम्मतहम पे ये उस रब की इनायत हैले के चले इस्लाम की दावतदिल में हर दम शौक़-ए-शहादत हैकैसी भी आए दुश्वारीपूरी है अपनी तैयारीहम न कहीं भी रुकनेवाले हैंचट्टानों जैसे हैं इरादेवक़्त पड़े तो ये दिखलादेंहम न कहीं भी झुकनेवाले हैं

अल-हय्यु हु अल्लाहअल-हक़्क़ हु अल्लाह

हिम्मत को हथियार बनाएंपरचम हक़ का हम तो उठाए हैंदुश्मन जितने जाल बिछाएहम पे उस रहमत के साए हैंगहवारा इस्लाम अमन काहम तो ये पैग़ाम अमन कादुनिया तक पहुँचाने आए हैंहम हैं हक़ की वो शमशीरेंजिन से टूटेंगी ज़ंजीरेंबातिल को समझाने आए हैं

अल-हय्यु हु अल्लाहअल-हक़्क़ हु अल्लाह

फिर से माज़ी को दोहरा दोक़ैसर-ओ-किसरा याद करा दें हमख़ैबर को क़दमों से ढा देंफिर से अपनी शान दिखा दें हमदुनिया के बातिल हैं जितनेहोंगे ख़तम वो सारे फ़ितनेलोग सभी ये जाननेवाले हैंचाहे शहीद हो, चाहे ग़ाज़ीदीन की होनी है सरफ़राज़ीहम तो बस ये माननेवाले हैं

अल-हय्यु हु अल्लाहअल-हक़्क़ हु अल्लाह

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