नात लिरिक्स

Dil Mera Tadapta Hai Aankhen Hain Ye Nam Aaqa

दिल मेरा तड़पता है आँखें हैं ये नम आक़ा

नात ख़्वान: सुफ़ियान प्रतापगढ़ीशायर: सुफ़ियान प्रतापगढ़ीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

दिल मेरा तड़पता है, आँखें हैं ये नम, आक़ा !ए काश ! कि देखूँ मैं इक बार हरम, आक़ा !

ता-'उम्र मैं ढूँडूँगा ना'लैन-ए-शह-ए-बतहाइक बार अगर रख दें सीने पे क़दम, आक़ा !

किए चाँद के दो टुकड़े, सूरज भी पलट आयावल्लाह ! इशारों में रखते हैं वो दम आक़ा

बू-बक्र की एड़ी पर लु'आब-ए-दहन रख करकर देते हैं ज़ख़्मों से सब दूर अलम आक़ा

घर आमिना बीबी के जब आप हुए पैदाख़ुद करने तवाफ़ आया उस घर को हरम, आक़ा !

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