अब तो सरकार के वसीले सेदिल हि मक्का है दिल मदीना हैजान ले जिसको इश्क हो दरकाररहमते हक़ यहीं महीना है
दिल दिल रमज़ान दिल दिल रमज़ानदिल दिल रमज़ान दिल दिल रमज़ानअल्लाह का एहसान दिल दिल रमज़ानशाने नुज़ूले क़ुरान दिल दील रमज़ान
सांसे जब तक हैं दिल सवाली रहेहाथ में रोज़े कि वो जाली रहेदिल मेरा जिक्र से न खाली रहेरहमते हक़ यहीं महीना है
दिल जो हो जाए वक्फे इश्के रसूलउसमें होता है रहमतों का नुज़ूलजान ले जिस से हो गई कोई भूलरहमते हक़ यहीं महीना है
दिल दिल रमज़ान दिल दिल रमज़ानदिल दिल रमज़ान दिल दिल रमज़ानअल्लाह का एहसान दिल दिल रमज़ानशाने नुज़ूले क़ुरान दिल दील रमज़ान
ऐसी बरकत है सिमटती नहींजितनीं बांटो मगर ये गटती नहींबदलियाँ उस अता कि छटती नहींरहमते हक़ यहीं महीना है
ये सना-ख्वानियाँ ये हम्दो दुरूदये इबादत ये रुकू ये सुजूददेखो हम सब हैं एक वुजूदरहमते हक़ यहीं महीना है
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