नात लिरिक्स

Dikha De Ilahi Wo Pyara Madina | Muhammad Muhammad Madina Madina

दिखा दे इलाही वो प्यारा मदीना | मुहम्मद मुहम्मद मदीना मदीना

नात ख़्वान: मुहम्मद राशीद आज़मशायर: मुहम्मद राशीद आज़मउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

दिखा दे, इलाही ! वो प्यारा मदीनाइलाही ! बना दे मदीना ये सीनामैं मर जाऊँ मेरे कफ़न पे ये लिखनामुहम्मद मुहम्मद मदीना मदीना

मुहम्मद मुहम्मद मदीना मदीनामुहम्मद मुहम्मद मदीना मदीना

चली जिस तरफ़ से नबी की सवारीशजर ने, हजर ने दी झुक कर सलामीसभी कर रहे हैं नबी की ग़ुलामीनबी ने सिखाया हर इक शय को जीना

मुहम्मद मुहम्मद मदीना मदीनामुहम्मद मुहम्मद मदीना मदीना

खड़े हैं सवाली दर-ए-मुस्तफ़ा परवहाँ कोई आ'ला न कोई तवंगरचलो आओ माँगें हबीब-ए-ख़ुदा सेकि हाथों में है जिन के सारा ख़ज़ीना

मुहम्मद मुहम्मद मदीना मदीनामुहम्मद मुहम्मद मदीना मदीना

बुला लो मदीने में, आक़ा ! बुला लोगिरा जा रहा हूँ, सँभालो सँभालोख़ता-कार हूँ मुझ को, आक़ा ! निभा लोलगा दो मेरा पार, आक़ा ! सफ़ीना

मुहम्मद मुहम्मद मदीना मदीनामुहम्मद मुहम्मद मदीना मदीना

किया जब भी करते थे आक़ा 'इबादततो क़ुरआन करता था उन की तिलावतये ऐसा ख़ुदा की क़सम मो'जिज़ा हैमिला इन के सदक़े में बख़्शिश का ज़ीना

मुहम्मद मुहम्मद मदीना मदीनामुहम्मद मुहम्मद मदीना मदीना

ये आँखों का रोना, ये दिल का तड़पनातसव्वुर में आक़ा के दर से लिपटनादर-ए-मुस्तफ़ा पर कहूँगा मैं जा करयहीं मेरा मरना, यहीं मेरा जीना

मुहम्मद मुहम्मद मदीना मदीनामुहम्मद मुहम्मद मदीना मदीना

बुलावा जो आए, मदीने को जाऊँमैं, राशिद ! करम ही करम ले के आऊँब-रोज़-ए-क़यामत उठूँ जब लहद सेतो मेरे लबों पे हो ना'रा मदीना

मुहम्मद मुहम्मद मदीना मदीनामुहम्मद मुहम्मद मदीना मदीना

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