नात लिरिक्स

Darte Hain Na Jhukte Hain, Wo Mere Sahaaba Hain

डरते हैं न झुकते हैं, वो मेरे सहाबा हैं

उपलब्ध: हिंदी

डरते हैं न झुकते हैं, वो मेरे सहाबा हैंहर हाल में लड़ते हैं, वो मेरे सहाबा हैं

डरते हैं न झुकते हैं, वो मेरे सहाबा हैं

रातों को मुसल्ले पर और दिन को सर-ए-मैदांदुश्मन से निमटते हैं, वो मेरे सहाबा हैं

डरते हैं न झुकते हैं, वो मेरे सहाबा हैं

इस आरज़ी दुनिया को ख़ातिर में नहीं लातेउक़्बा को समझते हैं, वो मेरे सहाबा हैं

डरते हैं न झुकते हैं, वो मेरे सहाबा हैं

जो रब की मोहब्बत में अव्वल शब की दुल्हनको छोड़ के चलते हैं, वो मेरे सहाबा हैं

डरते हैं न झुकते हैं, वो मेरे सहाबा हैं

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