नात लिरिक्स

Chamak Raha Hai Tumhara Rauza, Hamein Bhi Dar Pe Bulana, Khwaja Piya

चमक रहा है तुम्हारा रौज़ा, हमें भी दर पे बुलाना, ख़्वाजा पिया

नात ख़्वान: शुऐब रज़ा क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

चमक रहा है तुम्हारा रौज़ाहमें भी दर पे बुलानाख़्वाजा पिया ! ख़्वाजा पिया !

सभी की बिगड़ी बनाई तुम नेमेरी भी बिगड़ी बनानाख़्वाजा पिया ! ख़्वाजा पिया !

मदीने से भेजा है तुम को नबी नेनवाज़ा है तुम को बहुत ही 'अली नेन ही इस में तकरार की है किसी नेहै भारत का सुलतान माना सभी नेकि सारे हिन्दुस्ताँ का मौसमतुम्हीं से तो है सुहानाख़्वाजा पिया ! ख़्वाजा पिया !

वो मग़रूर राजा के सर को झुका देवो बस एक कासे में दरिया समा देवो तन्हा हुकूमत की धज्जी उड़ा देवो जयपाल जोगी को पानी पिला देउन्हें ख़ुदा ने 'अता किया हैकरामतों का ख़ज़ानाख़्वाजा पिया ! ख़्वाजा पिया !

मैं सीने में ख़्वाजा का गुम्बद छुपा लूँमैं दहलीज़ को अपने दिल से लगा लूँबहारें वहाँ की नज़र में बसा लूँमैं नाम उन का साँसों की सरगम बना लूँरहे हमेशा, शुऐब ! मेरेलबों पे एक तरानाख़्वाजा पिया ! ख़्वाजा पिया !

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