नात लिरिक्स

Bulbul Tere Honton Pe Ye Kis Ka Tarana Hai

बुलबुल तेरे होंटों पे ये किस का तराना है

नात ख़्वान: क़ारी सरताज आलम सुल्तानपुरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

बुलबुल तेरे होंटों पे ये किस का तराना है'उश्शाक़ की आमद है, मौसम भी सुहाना है

बुलबुल तेरे होंटों पे ये किस का तराना हैसरकार की आमद है, मौसम भी सुहाना है

पूछा न करे कोई ये किस का ज़माना हैआक़ा की नुबुव्वत है, आक़ा का ज़माना है

सूरज भी पलट आया और चाँद हुआ टुकड़ेसरकार की उँगली का क्या ख़ूब निशाना है

पैग़ाम-ए-मोहब्बत यूँ आक़ा ने दिया हम कोअख़्लाक़ के फूलों से दिल अपना सजाना है

दामन में छुपा लेंगे जो हम को सर-ए-महशरवो जान हैं रहमत की, हसनैन के नाना हैं

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