नात लिरिक्स

Hara Gumbad Jo Dekhoge Zamana Bhool Jaoge

हरा गुंबद जो देखोगे ज़माना भूल जाओगे

नात ख़्वान: यासिर सोहरवर्दीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

हरा गुंबद जो देखोगे, ज़माना भूल जाओगेअगर तयबा को जाओगे, तो आना भूल जाओगे

न इतराओ ज़ियादा, चाँद-तारो ! अपनी रंगत परमेरे आक़ा को देखोगे चमकना भूल जाओगे

अगर तुम ग़ौर से मेरे नबी की ना'त सुन लोगेमेरा दा'वा है तुम गाना बजाना भूल जाओगे

तुम्हारे सामने होगा कभी जब गुंबद-ए-ख़ज़रानज़र जम जाएगी उस पर, हटाना भूल जाओगे

हदीस-ए-मुस्तफ़ा पर तुम जो हो जाओ 'अमल-पैराक़सम अल्लाह की, माँ को सताना भूल जाओगे

नबी के पाक जल्वे को अगर तुम ख़्वाब में देखोक़सम रब की, चराग़ों को जलाना भूल जाओगे

कभी पहली नज़र जब गुंबद-ए-ख़ज़रा पे जाएगीवो लम्हें तुम ज़माने को बताना भूल जाओगे

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