नात लिरिक्स

Bina Maa Ke Bachchon Ki Hai Ye Sada | Mujhe Meri Maa Chahiye

बिना माँ के बच्चों की है ये सदा | मुझे मेरी माँ चाहिए

नात ख़्वान: वसीम बेख़ुद मांडलवीशायर: वसीम बेख़ुद मांडलवीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

बिना माँ के बच्चों की है ये सदामुझे मेरी माँ चाहिएहर इक साँस पर है यही बरमलामुझे मेरी माँ चाहिए

बिना माँ के बच्चों की है ये सदामुझे मेरी माँ चाहिए

छुपा कर रखा हाल बच्चोंं से अपनेगुज़ारे हैं दिन कितने फ़ाक़ों से अपनेनिवाले खिलाती थी हाथों से अपनेचबा कर के रोटी को दाँतों से अपनेये अंदाज़ अम्मी का शफ़क़त भरामुझे मेरी माँ चाहिए

बिना माँ के बच्चों की है ये सदामुझे मेरी माँ चाहिए

कहाँ और किधर आह अब जाऊँगा मैंबिना माँ के किस तरह रह पाऊँगा मैंक़दम-ब-क़दम रोज़ पछताऊँगा मैंयूँ लगता है जैसे कि मर जाऊँगा मैंतड़पते हुए दिल ने रो कर कहामुझे मेरी माँ चाहिए

बिना माँ के बच्चों की है ये सदामुझे मेरी माँ चाहिए

ज़माने की नज़रों से मुझ को बचा करवो दूध की शक्ल में ख़ून पिला करमुझे जिस ने पाला गले से लगा करचला हूँ मैं उस का जनाज़ा उठा करउठा सर से ममता का वो आसरामुझे मेरी माँ चाहिए

बिना माँ के बच्चों की है ये सदामुझे मेरी माँ चाहिए

कोई माँ के जैसी भी औरत नहीं हैकिसी और में मेरी जन्नत नहीं हैकहूँ मैं क्या पहले सी हालत नहीं हैबिना माँ के जीने की 'आदत नहीं हैमेरी माँ से साँसों का है वास्तामुझे मेरी माँ चाहिए

बिना माँ के बच्चों की है ये सदामुझे मेरी माँ चाहिए

ये मुरझाया दिल ग़म में, इस को खिला देचमन मेरा उजड़ा है, मौला ! जिला देख़ुदाया ! इन अश्को का ऐसा सिला देतू माँ फिर से दे दे या माँ से मिला देलगाता है रट ये ही बेख़ुद रज़ामुझे मेरी माँ चाहिए

बिना माँ के बच्चों की है ये सदामुझे मेरी माँ चाहिएहर इक साँस पर है यही बरमलामुझे मेरी माँ चाहिए

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