नात लिरिक्स

Behre Deedar Mushtaq Hai Har Nazar, Donon Aalam Ke Sarkaar Aa Jaiye

बेहरे दीदार मुश्ताक़ है हर नज़र, दोनों आलम के सरकार आ जाइये

शायर: अल्लामा अरशद क़ादरीउपलब्ध: हिंदी

आक़ा आ जाइये, आक़ा आ जाइयेआक़ा आ जाइये, आक़ा आ जाइये

बेहरे दीदार मुश्ताक़ है हर नज़रदोनों आलम के सरकार आ जाइयेचाँदनी रात है और पिछला पहरदोनों आलम के सरकार आ जाइये

आक़ा आ जाइये, आक़ा आ जाइयेआक़ा आ जाइये, आक़ा आ जाइये

सामने जल्वाग़र पैकरे-नूर होमुन्किरों का भी सरकार शक दूर होकर के तब्दील एक दिन लिबासे-बशरदोनों आलम के सरकार आ जाइये

आक़ा आ जाइये, आक़ा आ जाइयेआक़ा आ जाइये, आक़ा आ जाइये

शाम-ए-उम्मीद का अब सवेरा हुवासूए-तयबा निग़ाहों में डेरा हुवाबिछ गए राह में फ़र्शे-क़ल्बो-जिगरदोनों आलम के सरकार आ जाइये

आक़ा आ जाइये, आक़ा आ जाइयेआक़ा आ जाइये, आक़ा आ जाइये

दिल का टूटा हुवा आबगीना लियेशोला-ए-इश्क़ का तूर-सीना लियेकितने घायल खड़े है सरे-रहगुज़रदोनों आलम के सरकार आ जाइये

आक़ा आ जाइये, आक़ा आ जाइयेआक़ा आ जाइये, आक़ा आ जाइये

सिदरतुल-मुन्तहा, अर्श, बागे-इरमहर जगह पड़ चुके हैं निशाने-क़दमअब तो एक बार अपने ग़ुलामों के घरदोनों आलम के सरकार आ जाइये

आक़ा आ जाइये, आक़ा आ जाइयेआक़ा आ जाइये, आक़ा आ जाइये

आज महफ़िल में महबूब की धूम हैशाने-इज़्ज़ो-करम सबको मालूम हैयूं लुटाते हुवे रहमतों के गोहरदोनों आलम के सरकार आ जाइये

आक़ा आ जाइये, आक़ा आ जाइयेआक़ा आ जाइये, आक़ा आ जाइये

शाम-ए-ग़ुरबत है और शहर ख़ामोश हैएक अरशद अकेला कफ़न पोश हैखौफ की है गड़ी, वक़्त है पुरखतरदोनों आलम के सरकार आ जाइये

आक़ा आ जाइये, आक़ा आ जाइयेआक़ा आ जाइये, आक़ा आ जाइये

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