नात लिरिक्स

Bas Ali Ka Sath Hum Ko Do Jahan Se Pyara Hai

बस अली का साथ हम को दो जहाँ से प्यारा है

शायर: सय्यिद अयाज़ चिश्तीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

हम 'अली वाले हैंसुन ले ये ज़माने वाले, हम 'अली वाले हैंसुन ले ये ज़माने वालेख़ाक हो जाएँगे ख़ुद हम को मिटाने वाले

या 'अली कह के गुज़र जाते हैं तूफ़ानों सेपरचम-ए-हज़रत-ए-अब्बास उठाने वाले

बस 'अली का साथ हम को दो जहाँ से प्यारा हैये है तो सब हमारा हैबस 'अली का साथ हम को दो जहाँ से प्यारा हैये है तो सब हमारा हैबस 'अली का साथ, बस 'अली का साथ

'अज़मतें होंगी उन की बयाँ कैसेये जिन का मर्तबा हैजिन के बेटे हैं सरदार जन्नत केदुल्हन ख़ैरुन्निसा हैवो 'अली मौला कि जिस का घर का घर ही मौला है

ये है तो सब हमारा हैबस 'अली का साथ हम को दो जहाँ से प्यारा हैये है तो सब हमारा हैबस 'अली का साथ, बस 'अली का साथ

उन की उल्फ़त की दौलत मिली हम कोतो जीना रास आयाहुब्ब-ए-हैदर के प्याले पिए हम नेतो ईमाँ जगमगाया'इश्क़ हैदर का हमें तो जान से भी प्यारा है

ये है तो सब हमारा हैबस 'अली का साथ हम को दो जहाँ से प्यारा हैये है तो सब हमारा हैबस 'अली का साथ, बस 'अली का साथ

मुश्किलें मेरी पड़ जाएँ मुश्किल मेंअगर राहों में आएँमेरी कश्ती से तूफ़ाँ जो टकराएतो ख़ुद ही डूब जाएमेरी कश्ती पर 'अली मुश्किल-कुशा का साया है

ये है तो सब हमारा हैबस 'अली का साथ हम को दो जहाँ से प्यारा हैये है तो सब हमारा हैबस 'अली का साथ, बस 'अली का साथ

ये हुसैन इब्न-ए-हैदर ने बचपन मेंकहा ख़ैर-उल-वरा सेआह मेरे नाना ! सब कुछ लुटा कर भीज़मीन-ए-कर्बला सेमैं बचाऊँगा ख़ुदा के दीन को ये वा'दा है

ये है तो सब हमारा हैबस 'अली का साथ हम को दो जहाँ से प्यारा हैये है तो सब हमारा हैबस 'अली का साथ, बस 'अली का साथ

ऐ अयाज़ ! अपने ख़्वाजा मु'ईन कीदिलों पर हुक्मरानीअपने तो अपने ग़ैरों को भी देनाये 'आदत ख़ानदानीये मेरा ख़्वाजा 'अली मौला के जैसा दाता है

ये है तो सब हमारा हैबस 'अली का साथ हम को दो जहाँ से प्यारा हैये है तो सब हमारा हैबस 'अली का साथ, बस 'अली का साथ

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