नात लिरिक्स

Banda To Gunahgar Hai Rehman Hai Maula

बंदा तो गुनहगार है रहमान है मौला

शायर: तस्लीम फ़ाज़ली और अन्यउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

बंदा तो गुनहगार है, रहमान है मौलाबंदे पे करम करना तेरी शान है, मौला !

बंदा तो गुनहगार है, रहमान है मौलाबंदा तो गुनहगार है, रहमान है मौला

मायूस है क्यूँ रहमत-ए-बारी से बता देअल्लाह के दरबार में सर अपना झुका देफिर देख तेरा कितना निगहबान है मौला

बंदा तो गुनहगार है, रहमान है मौलाबंदा तो गुनहगार है, रहमान है मौला

देता हूँ तुझे वास्ता मैं प्यारे नबी कादेता हूँ तुझे वास्ता मैं आल-ए-नबी काभर दे मेरा दामन, तेरी क्या शान है, मौला !

बंदा तो गुनहगार है, रहमान है मौलाबंदा तो गुनहगार है, रहमान है मौला

है शुक्र तेरा, तू ने मुझे कितना दिया हैमुझ जैसे गुनहगार पे ये कैसी 'अता हैगुन गाउँ तेरे क्यूँ न मैं ? एहसान है, मौला !

बंदा तो गुनहगार है, रहमान है मौलाबंदा तो गुनहगार है, रहमान है मौला

होता है करम सब पे, ये दाता का नगर हैबिछड़े हुए मिलते हैं जहाँ, ये वही दर हैमिल जाएगी मंज़िल, मेरा ईमान है, मौला !

बंदा तो गुनहगार है, रहमान है मौलाबंदा तो गुनहगार है, रहमान है मौला

होता है करम सब पे, ये दाता का नगर हैकरता है करम सब पे जहाँ, ये वही दर हैमिल जाएगी मंज़िल, मेरा ईमान है, मौला !

बंदा तो गुनहगार है, रहमान है मौलाबंदा तो गुनहगार है, रहमान है मौला

देता हूँ मैं दुहाई यूँ रब्ब-ए-जलील कोतू ने बचाया आग से हज़रत ख़लील कोमुझ पे भी रहम कर दे तू रहमान है, मौला !

बंदा तो गुनहगार है, रहमान है मौलाबंदा तो गुनहगार है, रहमान है मौला

केवल उपलब्ध श्रेय दिखाए गए हैं; अनुपलब्ध जानकारी का अनुमान नहीं लगाया गया।