नात लिरिक्स

Badi Umeed Hai Sarkar Qadmon Mein Bulaenge | Karam Ki Jab Nazar Hogi Madine Hum Bhi Jaenge

बड़ी उम्मीद है सरकार क़दमों में बुलाएँगे | करम की जब नज़र होगी मदीने हम भी जाएँगे

नात ख़्वान: फ़सीहुद्दीन सुहरवर्दीशायर: नय्यर सुहरवर्दीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

बड़ी उम्मीद है सरकार क़दमों में बुलाएँगेकरम की जब नज़र होगी मदीने हम भी जाएँगे

दिलों में जो दिये उन की मोहब्बत के जलाएँगेयक़ीनन वो सुराग़-ए-मंज़िल-ए-मक़्सूद पाएँगे

अगर जाना मदीने में हुवा हम ग़म के मारों कामकीन-ए-गुंबद-ए-ख़ज़रा को हाल-ए-दिल सुनाएँगे

क़सम अल्लाह की ! होगा वो मंज़र दीद के क़ाबिलक़यामत में रसूलुल्लाह जब तशरीफ़ लाएँगे

क़यामत तक जगाएँगे न फिर मुनकर-नकीर उस कोलहद में वो जिसे अपना रुख़-ए-ज़ेबा दिखाएँगे

गुनहगारों में ख़ुद आ आ के शामिल पारसा होंगेशफ़ी'-ए-हश्र जब दामान-ए-रहमत में छुपाएँगे

उधर बरसेगा बारान-ए-करम मैदान-ए-महशर मेंजिधर भी रहमत-ए-'आलम निगाहों को उठाएँगे

ग़म-ए-'इश्क़-ए-नबी से होगा जब मा'मूर दिल, नय्यर !तेरे ज़ुल्मत-कदे में भी सितारे जगमगाएँगे

केवल उपलब्ध श्रेय दिखाए गए हैं; अनुपलब्ध जानकारी का अनुमान नहीं लगाया गया।