नात लिरिक्स

Bada Lutf Aaya Yahan Dillagi Ka | Khuda Wali Raahon Mein Aa Kar Jo Dekha

बड़ा लुत्फ़ आया यहाँ दिल-लगी का | ख़ुदा वाली राहों में आ कर जो देखा

शायर: मुग़ीरा हैदरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

बड़ा लुत्फ़ आया यहाँ दिल-लगी काख़ुदा वाली राहों में आ कर जो देखान जीने की ख़्वाहिश रही दिल में बाक़ीशहादत की बाँहों में आ कर जो देखा

था दिलकश वो मंज़र जो रब ने दिखायान तकलीफ़ पहुँची कि जब ज़ख़्म खायागुनाहों की सतरें मिटी मेरे दिल सेलहू का ये क़तरा गिरा कर जो देखा

मेरा रिज़्क़ सौग़ात-ए-फ़िरदौस ठहरासजा जब मेरे सर शहादत का सेहरासलामी फ़रिश्तों ने दी, आई हूरेंगले मौत को हाँ लगा कर जो देखा

मैं इक सब्ज़ पँछी हूँ ख़ुल्द-ए-बरीं काहै साया मेरे सर पे 'अर्श-ए-बरीं कामैं ज़िंदा हुआ ता-अबद इस जहाँ मेंबदन एक मुर्दा बना कर जो देखा

'अज़ीज़ों की रब से सिफ़ारिश करूँगाजवाब आएगा लो मैं बख़्शिश करूँगाये इकराम-ओ-ए'ज़ाज़ तब मैं ने पायात'अल्लुक़ ख़ुदा से निभा कर जो देखा

लगाए क्यूँ बैठे हो दिल इस जहाँ सेरखो उल्फ़तें तुम भी सैल-ए-जीनाँ सेहै चाहत मरुँ फिर से दस मर्तबा मैंये इक बार सर को कटा कर जो देखा

था दिलकश वो मंज़र जो रब ने दिखायान तकलीफ़ पहुँची कि जब ज़ख़्म खायागुनाहों की सतरें मिटी मेरे दिल सेलहू का ये क़तरा गिरा कर जो देखा

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