नात लिरिक्स

Ba-Ghaur Sun Le Zamaana Ki Ham Husaini Hain

ब-ग़ौर सुन ले ज़माना कि हम हुसैनी हैं

नात ख़्वान: असद रजा अत्तारीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

हम हुसैनी हैं, हम हुसैनी हैंहम हुसैनी हैं, हम हुसैनी हैं

ब-ग़ौर सुन ले ज़माना कि हम हुसैनी हैंहै ख़ुल्द अपना ठिकाना कि हम हुसैनी हैं

ब-ग़ौर सुन ले ज़माना कि हम हुसैनी हैं

हमीं हैं हक़ के मुहाफ़िज़, हमारे सामने तुममिसाल हक़ की न लाना कि हम हुसैनी हैं

ब-ग़ौर सुन ले ज़माना कि हम हुसैनी हैं

अगर हो हसरत-ए-क़ुर्ब-ए-रसूल-ए-वाला-तबारतो यार हम को बनाना कि हम हुसैनी हैं

ब-ग़ौर सुन ले ज़माना कि हम हुसैनी हैं

हमारी शौकतें हर दिन 'उरूज़ पाती है'अबस है हम को घटाना कि हम हुसैनी हैं

ब-ग़ौर सुन ले ज़माना कि हम हुसैनी हैं

यज़ीदी फ़िक्र को अज़हान-ए-क़ौम-ए-मुस्लिम सेनिकाल कर है मिटाना कि हम हुसैनी हैं

यज़ीदियों को भटकने न देना अपने क़रीबये कह के दूर भगाना कि हम हुसैनी हैं

ब-ग़ौर सुन ले ज़माना कि हम हुसैनी हैं

कोई जो पूछे कि मंसूब किस से हो तुम लोगतो फ़ख़्र से ये बताना कि हम हुसैनी हैं

ब-ग़ौर सुन ले ज़माना कि हम हुसैनी हैं

अगर समझ ले इमाम-ए-हुसैन की अज़मततो फिर कहेगा ज़माना कि हम हुसैनी हैं

ब-ग़ौर सुन ले ज़माना कि हम हुसैनी हैं

पड़े जो वक़्त तो क़ुर्बानियाँ भी पेश करेंबनाएँगे न बहाना कि हम हुसैनी हैं

हुसैनी होने का दा'वा ही बस नहीं, अर्फ़क़ !'अमल भी कर के दिखाना कि हम हुसैनी हैं

ब-ग़ौर सुन ले ज़माना कि हम हुसैनी हैं

केवल उपलब्ध श्रेय दिखाए गए हैं; अनुपलब्ध जानकारी का अनुमान नहीं लगाया गया।