नात लिरिक्स

ऐ ख़ुदा क़िब्ला-ए-अव्वल की दुआएँ सुन ले | Aye Khuda Qibla-e-Awwal Ki Duaen Sun Le

ऐ ख़ुदा क़िब्ला-ए-अव्वल की दुआएँ सुन ले | Aye Khuda Qibla-e-Awwal Ki Duaen Sun Le

शायर: इमरान प्रतापगढ़ीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

ऐ ख़ुदा ! क़िब्ला-ए-अव्वल की दु'आएँ सुन लेउन की उजड़ी हुई बस्ती की सदाएँ सुन ले

तू जो चाहे तो बुरा वक़्त भी टल जाएगारात की कोख से सूरज भी निकल आएगा

हम नहीं कहते हमें कोई पयम्बर दे देतेरे ही आगे झुके हम को वो ही सर दे दे

लश्कर-ए-फ़ील जहालत पे उतर आया हैऐ ख़ुदा ! फिर से अबाबीलों को कंकर दे दे

कौन कहता है कि नफ़रत से चलेगी दुनियातू दिखा दे कि मोहब्बत से चलेगी दुनिया

ऐ ख़ुदा ! क़िब्ला-ए-अव्वल की दु'आएँ सुन लेउन की उजड़ी हुई बस्ती की सदाएँ सुन ले

तेरे महबूब ने जिस सिम्त किए थे सज्देहुक्म से तेरे वो असहाब-ए-नबी के सज्दे

सैकड़ों ग़म लिए सीने में है ग़मगीन खड़ाअब फ़क़त तेरे सहारे है फ़लस्तीन खड़ा

काश ! दुनिया ये समझ पाती ये झगड़ा क्या हैआप के घर ये किसी और का क़ब्ज़ा क्या है

तू जो चाहे तो हर इक बात को बेहतर कर देइक नज़र डाल दे हालात को बेहतर कर दे

ऐ ख़ुदा ! क़िब्ला-ए-अव्वल की दु'आएँ सुन लेउन की उजड़ी हुई बस्ती की सदाएँ सुन ले

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