नात लिरिक्स

Ashraf Ka Karam Hai Mujh Pe Mere

अशरफ़ का करम है मुझ पे मेरे

नात ख़्वान: आ'ज़म रज़ा तहसीनीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

दिल जो बना मेरा चिश्ती हरमअशरफ़ का करम है मुझ पे मेरे

आप का रौज़ा कितना 'आलीआप के दर की शान निरालीरौज़ा तुम्हारा है बाग़-ए-इरम

अशरफ़ का करम है मुझ पे मेरेअशरफ़ का करम है मुझ पे मेरे

जो भी दर पे आए तुम्हारेख़ाली झोली भर के जाएबड़ा सख़ी देखो मेरा सनम

अशरफ़ का करम है मुझ पे मेरेअशरफ़ का करम है मुझ पे मेरे

मौला 'अली की आँख के तारेग़ौस-ए-आ'ज़म के हैं दुलारेतुम पे फ़िदा, आक़ा ! 'अरब-ओ-'अजम

अशरफ़ का करम है मुझ पे मेरेअशरफ़ का करम है मुझ पे मेरे

नाज़ करे अशरफ़ का दीवानापाया है कितना पाक घरानाये तो हमारा है दीन-ओ-धरम

अशरफ़ का करम है मुझ पे मेरेअशरफ़ का करम है मुझ पे मेरे

शान से कहता है ये निज़ामीपाई जो तेरे दर की ग़ुलामीतेरी ग़ुलामी है रब का करम

अशरफ़ का करम है मुझ पे मेरेअशरफ़ का करम है मुझ पे मेरे

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