नात लिरिक्स

Ashqon Ka Meri Aankh Mein Toofaan Utha Ho | Tazmeen of Dil Dard Se Bismil Ki Tarah Lot Raha Ho

अश्क़ों का मेरी आँख में तूफ़ान उठा हो | तज़मीन - दिल दर्द से बिस्मिल की तरह लोट रहा हो

नात ख़्वान: जमील गोंडवीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

'अश्क़ों का मेरी आँख में तूफ़ान उठा होऔर जिस्म तेरे शहर की मिट्टी से अटा होये हाल मेरा सारा जहाँ देख रहा होदिल दर्द से बिस्मिल की तरह लोट रहा होसीने पे तसल्ली को तेरा हाथ धरा हो

मुजरिम की तरह आप के क़दमों में पड़ा होहोंटों पे फ़क़त सल्ले 'अला, सल्ले 'अला होहो जाए अगर ऐसा तो मत पूछिए क्या होगर वक़्त-ए-अजल सर तेरी चौखट पे झुका होजितनी हो क़ज़ा एक ही सज्दे में अदा हो

आ'माल ही देने लगें जिस वक़्त गवाहीचेहरे पे गुनाहों के सबब छाए सियाहीमुजरिम की करें आप अगर पुश्त-पनाहीढूँढा ही करे सद्र-ए-क़यामत के सिपाहीवो किस को मिले जो तेरे दामन में छुपा हो

जो चाँद के टुकड़े करे, सूरज को फिरा देजो गालियाँ सुन कर भी हिदायत की दु'आ देइक दूध के प्याले में जो सत्तर को पिला देमँगता तो है मँगता, कोई शाहों में दिखा देजिस को मेरे सरकार से टुकड़ा न मिला हो

महबूब-ए-ख़ुदा, अहमद-ए-मुख़्तार कुछ ऐसाहै ही वो यतीमों का तरफ़दार कुछ ऐसाया'नी मेरे आक़ा का है रुख़्सार कुछ ऐसाआता है फ़क़ीरों पे उन्हें प्यार कुछ ऐसाख़ुद भीक दें और ख़ुद कहें मँगता का भला हो

तुम जिस से नज़र फेर लो, नाराज़ ख़ुदा होदोज़ख़ में जिसे जलना हो वो तुम से जुदा होमुम्किन ही नहीं पूरी कभी हम्द-ओ-सना होतुम ज़ात-ए-ख़ुदा से न जुदा हो, न ख़ुदा होअल्लाह को मा'लूम है, क्या जानिए क्या हो

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