नात लिरिक्स

Are Hajiyo Tum Haram Ja Rahe Ho

अरे हाजिओ तुम हरम जा रहे हो

नात ख़्वान: क़ारी मुहम्मद एहसान मोहसिनशायर: क़ारी मुहम्मद एहसान मोहसिनउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

अरे हाजिओ ! तुम हरम जा रहे होब-सद एहतिराम इक पयाम 'अर्ज़ करनामज़ार-ए-मुक़द्दस पे जब हाज़री होमेरा भी नबी से सलाम 'अर्ज़ करना

ये कहना कि इक उम्मती बे-सहाराहै बेचैन वो दर्द-ए-फ़ुर्क़त का माराये कहना मदीने से वो दूर रह करफिरे दर-ब-दर सुब्ह-ओ-शाम 'अर्ज़ करना

अरे हाजिओ ! तुम हरम जा रहे होब-सद एहतिराम इक पयाम 'अर्ज़ करना

तड़पता है दिल और बरसती हैं आँखेंबरा-ए-ज़ियारत तरसती हैं आँखेंये कहना बसारत से महरूम है वोमेरी हालत-ए-ग़म तमाम 'अर्ज़ करना

अरे हाजिओ ! तुम हरम जा रहे होब-सद एहतिराम इक पयाम 'अर्ज़ करना

ये कहना गुनहगार-ओ-बदकार है वोख़ताओं पे लेकिन शरमसार है वोनिगाह-ए-करम का तलबगार है वोपिला दो मोहब्बत का जाम 'अर्ज़ करना

अरे हाजिओ ! तुम हरम जा रहे होब-सद एहतिराम इक पयाम 'अर्ज़ करना

हो मक्के से तयबा की जानिब रवानानज़र 'आशिक़ाना, हो दिल 'आरिफ़ानाअदब से सर-ए-राह पलकें बिछाना'अक़ीदत से फिर तुम सलाम 'अर्ज़ करना

अरे हाजिओ ! तुम हरम जा रहे होब-सद एहतिराम इक पयाम 'अर्ज़ करना

ये कहना उसे एक ही धुन लगी हैसदा उस के होंटों पे ना'त-ए-नबी हैबुलावे का वो मुंतज़िर है ख़ुदा-राउसे भी मिले इज़्न-ए-'आम 'अर्ज़ करना

अरे हाजिओ ! तुम हरम जा रहे होब-सद एहतिराम इक पयाम 'अर्ज़ करना

हो नज़रों में जब सब्ज़ गुंबद की जालीलबों पर सजी हो दुरूदों की डालीतो उस वक़्त कहना परेशाँ है, आक़ा !वो मोहसिन तुम्हारा ग़ुलाम 'अर्ज़ करना

अरे हाजिओ ! तुम हरम जा रहे होब-सद एहतिराम इक पयाम 'अर्ज़ करना

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