नात लिरिक्स

Apne Malik Ka Main Naam Le Kar Bazm Ki Ibtida Kar Raha Hoon

अपने मालिक का मैं नाम ले कर बज़्म की इब्तिदा कर रहा हूँ

नात ख़्वान: हफ़ीज़ुर्रहमानउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

अपने मालिक का मैं नाम ले करबज़्म की इब्तिदा कर रहा हूँया ख़ुदा ! आबरू रख मेरी तूतेरी हम्द-ओ-सना कर रहा हूँ

तू जो चाहे तो बन जाए क़िस्मतमेरे सज्दों की क्या है हक़ीक़ततेरी चौखट पे सर को झुका करफ़र्ज़ अपना अदा कर रहा हूँ

मैंने दुनिया का देखा नज़ाराअल-मदद कह के मैंने पुकारामुझ को अपनी पनाहों में रखनाबस यही इल्तिजा कर रहा हूँ

आज महफ़िल में बैठे हैं जितनेसब के दिल की तमन्ना हो पूरीसब को हाजी बना दे तू, मौला !मैं तड़प कर दु'आ कर रहा हूँ

अपने महबूब का दर दिखा देमेरा सोया मुक़द्दर जगा देलुत्फ़-ए-दुनिया को ले आज से मैंअपने दिल से जुदा कर रहा हूँ

केवल उपलब्ध श्रेय दिखाए गए हैं; अनुपलब्ध जानकारी का अनुमान नहीं लगाया गया।