नात लिरिक्स

Allah Tera Hai Ehsaan | Noor-e-Ramzaan

अल्लाह तेरा है एहसान | नूर-ए-रमज़ान

नात ख़्वान: फ़रहान अली वारिसशायर: मीर सज्जादउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

शुक्र-ए-ख़ुदा करो, मह-ए-रहमान आ गयातक़्सीम करने ने'मतें रमज़ान आ गया

अल्लाह तेरा है एहसानरोज़े, नमाज़ें और क़ुरआनहैं ये सब रूह-ए-ईमाननूर-ए-रमज़ान

नूर-ए-रमज़ान ! नूर-ए-रमज़ान !नूर-ए-रमज़ान ! नूर-ए-रमज़ान !

'इल्म-ओ-अदब सिखलाएँगेदीन-ए-ख़ुदा फैलाएँगेमस्जिद में भी जाएँगेहम्द-ओ-ना'त सुनाएँगे

अल्लाह तेरा है एहसानतू ने बढ़ा दी सब की शानआया है बन के मेहमाननूर-ए-रमज़ान

नूर-ए-रमज़ान ! नूर-ए-रमज़ान !नूर-ए-रमज़ान ! नूर-ए-रमज़ान !

कैसी हवा-ए-'इश्क़ चलीख़त्म हुई नफ़रत दिल कीबाँट रहे हैं प्यार सभीसहरी हो या इफ़्तारी

अल्लाह तेरा है एहसानएक हुए सारे इंसानसज गए घर घर दस्तर-ख़्वाननूर-ए-रमज़ान

नूर-ए-रमज़ान ! नूर-ए-रमज़ान !नूर-ए-रमज़ान ! नूर-ए-रमज़ान !

मेरी ख़ातिर, ख़ुदा ! तू ने क्या क्या कियातू ने ख़ुशियों से दामन मेरा भर दियाऔर बदले में मैंने तुझे क्या दियाइन गुनाहों पे दिल रो रहा है मेरामैंने माँ-बाप का हक़ अदा न कियातेरे बंदों का दिल भी दुखाया बड़ान ही ख़ैरात दी, न ही सदक़ा दियासिर्फ़ अपने ही बारे में सोचा कियान नमाज़ें पढ़ी, न ही रोज़ा रखाऔर 'इबादात का हक़ अदा न हुआफिर भी तू ने करम अपना जारी रखातू सख़ी है बड़ा, तू सख़ी है बड़ामैं पशेमान हूँ, रहम कर दे, ख़ुदा !रहम कर दे, ख़ुदा ! रहम कर दे, ख़ुदा !

है ये बख़्शिश का सामानसज्दे में है हर इंसानक्या सज्जाद और क्या फ़रहाननूर-ए-रमज़ान

नूर-ए-रमज़ान ! नूर-ए-रमज़ान !नूर-ए-रमज़ान ! नूर-ए-रमज़ान !

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