नात लिरिक्स

Ali Ki Yaad Aaye Najaf Ki Yaad Aaye

अली की याद आए नजफ़ की याद आए

शायर: शम्स जाफ़रीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

ख़ुशा ज़मीन-ए-मु'अल्ला, ज़हे-फ़ज़ा-ए-नजफ़रियाज़-ए-ख़ुल्द भी है शाइक़-ए-हवा-ए-नजफ़

मिली अँगूठी भी वैसी ही था नगीं जैसानजफ़ बरा-ए-'अली था, 'अली बरा-ए-नजफ़

मरीज़-ए-'इश्क़-ए-विला हूँ कि सुब्ह-ओ-शाम मुझे'अली की याद आए, नजफ़ की याद आएउसी से रखता हूँ रिश्ता हर एक आन जिसे'अली की याद आए, नजफ़ की याद आए

मरीज़-ए-'इश्क़-ए-विला हूँ कि सुब्ह-ओ-शाम मुझे'अली की याद आए, नजफ़ की याद आए

या 'अली ! 'अली या 'अली ! 'अली या 'अली ! 'अली या 'अली !

इज़ाफ़ा होता है मेरे मरज़ की शिद्दत मेंतड़प रहा हूँ मैं हर दम नजफ़ की फ़ुर्क़त मेंये धड़कनों की सदा आए गाम-गाम मुझे'अली की याद आए, नजफ़ की याद आए

मरीज़-ए-'इश्क़-ए-विला हूँ कि सुब्ह-ओ-शाम मुझे'अली की याद आए, नजफ़ की याद आए

बिना 'अली के मेरा ज़िंदगी में जी न लगेख़ुशी मिले भी कोई तो मुझे ख़ुशी न लगेमिला है साँसों की सूरत 'अली का नाम मुझे'अली की याद आए, नजफ़ की याद आए

मरीज़-ए-'इश्क़-ए-विला हूँ कि सुब्ह-ओ-शाम मुझे'अली की याद आए, नजफ़ की याद आए

या 'अली ! 'अली या 'अली ! 'अली या 'अली ! 'अली या 'अली !

ज़मीं पे ख़ुल्द का मंज़र मुझे दिखा दीजेतड़प रहा हूँ, नजफ़ में मुझे बुला लीजेवगरना जीना नहीं है मेरे इमाम ! मुझे'अली की याद आए, नजफ़ की याद आए

मरीज़-ए-'इश्क़-ए-विला हूँ कि सुब्ह-ओ-शाम मुझे'अली की याद आए, नजफ़ की याद आए

ये आरज़ू है तमन्ना है शम्स की, मौला !क़सीदा लिखता रहूँ सारी ज़िंदगी, मौला !पुकारे सारा ज़माना तेरा ग़ुलाम मुझे'अली की याद आए, नजफ़ की याद आए

मरीज़-ए-'इश्क़-ए-विला हूँ कि सुब्ह-ओ-शाम मुझे'अली की याद आए, नजफ़ की याद आए

या 'अली ! 'अली या 'अली ! 'अली या 'अली ! 'अली या 'अली !

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